Bareilly
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    Love and Family problem Online solution 8290234988

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    Astrologers
     
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    Description for "Love and Family problem Online solution 8290234988"

    द्रेष्काण कुंडली और भाई-बहन
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    द्रेष्काण कुंडली षोडश वर्ग कुंडलियो में से एक वर्ग कुंडली है।द्रेष्काण कुंडली का विचार भाई-बहन के लिए किया जाता है।द्रेष्काण कुंडली के तीसरे भाव भावेश से छोठे भाई-बहन और ग्यारहवे भाव से बड़े-भाई बहन का विचार किया जाता है।
    छोठे भाई का कारक मंगल, बड़े भाई का कारक गुरु तो बहन का कारक बुध होता है।द्रेष्काण कुंडली में द्रेष्काण लग्न लग्नेश का सर्वप्रथम विचार किया जाता है।द्रेष्काण लग्न में पुरुष स्त्री राशि और ग्रहो व शुभ-अशुभ प्रभाव की स्थिति से भाई या बहन का स्वभाव रूप रंग आदि को देखते है द्रेष्काण लग्न लग्नेश व् तीसरे भाव भावेश की बलवान शुभ स्थिति छोठे भाई कारक मंगल, बहन कारक बुध की स्थिति बहन या भाई का या दोनों का होना बताती है।तीसरे भाव भावेश पर पुरुष ग्रहो,के प्रभाव से भाई का स्त्री ग्रहो के प्रभाव से बहन का होना और इन सभी के शुभ प्रभाव में होना शुभ ग्रहो से द्रष्ट या युक्त होकर केंद्र त्रिकोण में बैठना छोठे- भाई-बहन का सुख, सहयोग और स्नेह मिलता है।इसी तरह लग्न लग्नेश और ग्यारहवे भाव भावेश की बलवान शुभ स्थिति बड़े-भाई बहन के विषय में बताती है।तीसरे भाव की स्थिति की तरह ग्यारहवे भाव भावेश पर पुरुष स्त्री ग्रहो, पुरुष स्त्री राशि से बड़े भाई बहन के सम्बन्ध में जाना जाता है।बड़े भाई के लिए यहाँ कारक गुरु की स्थिति से विचार किया जाता है।बहन के लिए कारक बुध ही रहता है।इसके आलावा द्रेष्काण कुंडली से जातक के बल, पराक्रम, साहस, किसी भी काम को करने की क्षमता, इच्छा पूर्ति जैसे विषयो के सम्बन्ध में भी देखा जाता है।क्योंकि जन्म कुंडली के तीसरे भाव और ग्यारहवे भाव से जिन विषयो के सम्बन्ध में देखा जाता है उसकी ठीक तरह से पूरी जानकारी द्रेष्काण कुंडली से देख सकते हैं
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